गिरिडीह: जमुआ थाना क्षेत्र के भीखोडीह गांव निवासी सुभाष हाजरा के पुत्र नीरज हाजरा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर शनिवार को परिजनों एवं ग्रामीणों ने चित्तरडीह-जमुआ मुख्य मार्ग को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों को फांसी की सजा तथा संबंधित पुलिस पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।परिजनों के अनुसार नीरज हाजरा राजस्थान में मजदूरी का कार्य करता था। 4 जुलाई 2026 को वह घर लौटने के क्रम में जमुआ पहुंचा था। बताया जाता है कि जमुआ पहुंचने के बाद उसके होने वाले बड़े साढ़ू सुभाष पासवान (निवासी चंद्रमंडी) का फोन आया, जिसके बाद नीरज अपने पिता को घर भेजकर उसके साथ चला गया। इसके बाद देर शाम तक नीरज के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।5 जुलाई 2026 को नीरज के पिता सुभाष हाजरा ने जमुआ थाना में गुमशुदगी का आवेदन देकर पुलिस को मामले की जानकारी दी। इसी बीच 7 जुलाई को परिजनों को मोबाइल फोन के माध्यम से सूचना मिली कि बिहार राज्य के जमुई जिले के बिचकोड़वा थाना क्षेत्र के जंगल में मिले एक शव की पहचान नीरज हाजरा के रूप में हुई है।

शव का पोस्टमार्टम जमुई में कराने के बाद 10 जुलाई को नीरज का शव उसके पैतृक गांव भीखोडीह पहुंचा। शव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। इसके विरोध में 11 जुलाई को चित्तरडीह-जमुआ मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को कड़ी सजा देने तथा मामले में पुलिस की भूमिका की जांच की मांग की।परिजनों का आरोप है कि नीरज की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई है। हालांकि पुलिस द्वारा अभी मामले की जांच की जा रही है और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।सड़क जाम की सूचना मिलने पर खोरीमहुआ अनुमंडल पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों से वार्ता की। उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा मामले में आवश्यक कानूनी कदम उठाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन सड़क जाम समाप्त करने पर सहमत हुए।

इस दौरान जमुआ विधानसभा के पूर्व विधायक केदार हाजरा, भाजपा नेता कामेश्वर पासवान सहित कई जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। प्रशासन के आश्वासन के बाद बाधित सड़क पर यातायात पुनः सामान्य हो सका।मामले का खुलासा करते हुए खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग की साजिश थी। पुलिस के अनुसार, जिस युवती से नीरज की शादी तय हुई थी, उसका नीरज के होने वाले साडू सुभाष पासवान के साथ करीब ढाई वर्षों से प्रेम संबंध था। इसी रिश्ते में बाधा बनने की आशंका को लेकर नीरज की हत्या कर दी गई। फिलहाल मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है जिसे न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है











