पर्यटन स्थल पर हथियार के बल पर युवकों को बंधक बनाकर अश्लील वीडियो बनाना, फिर ब्लैकमेलिंग—कोडरमा पुलिस ने संगठित अपराध का किया खुलासा
कोडरमा के वृन्दाहा वॉटरफॉल पर पर्यटकों को गन पॉइंट पर बंधक बनाकर अश्लील वीडियो बनाने और ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चार थानों की संयुक्त टीमों ने कार्रवाई कर इस संगठित अपराध का भंडाफोड़ किया।
मुख्य खबर:
कोडरमा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल वृन्दाहा वॉटरफॉल पर सामने आए शर्मनाक कांड ने इलाके में सनसनी फैला दी है। यहां घूमने आए पर्यटकों को हथियार के बल पर बंधक बनाकर अश्लील वीडियो (MMS) बनाने और बाद में उसे वायरल करने की धमकी देकर पैसे वसूलने वाले गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बब्लू यादव, राकेश उर्फ भखरू और अजीत कुमार के रूप में हुई है। ये आरोपी सुनसान इलाकों में आने वाले युवाओं और जोड़ों को निशाना बनाते थे। हथियार दिखाकर पहले डराया जाता, फिर जबरन अश्लील हरकतें करवाई जातीं और उनका वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया जाता।
घटना का पूरा घटनाक्रम:
यह घटना 18 दिसंबर की है, जब एक नाबालिग छात्र अपनी महिला मित्र के साथ वृन्दाहा वॉटरफॉल घूमने पहुंचा था। तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने दोनों को घेर लिया। हथियार की नोंक पर उन्हें बंधक बनाया गया और विरोध करने पर मारपीट भी की गई। इसके बाद बंदूक की नोक पर दोनों से अश्लील हरकतें करवाई गईं और पूरा वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया।
ब्लैकमेलिंग और पैसे की वसूली:
आरोपियों ने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पीड़ित छात्र से पैसे की मांग शुरू कर दी। जान और इज्जत बचाने के लिए छात्र ने दोस्तों से पैसे उधार लेकर आरोपियों के बताए गए स्कैनर पर 4,635 रुपये ट्रांसफर किए। इसके बावजूद आरोपी लगातार और पैसे मांगते रहे। मानसिक प्रताड़ना से टूट चुके पीड़ित ने अंततः हिम्मत जुटाई और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई:
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में चार विशेष टीमों का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने सुनियोजित छापेमारी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी बब्लू यादव और राकेश उर्फ भखरू पर पहले से लूट, चोरी और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। ये एक संगठित गिरोह के रूप में लंबे समय से इस तरह की आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।
सबूत मिटाने की कोशिश नाकाम:
पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन तोड़ दिए थे, ताकि वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत न मिल सकें। हालांकि, पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच के आगे उनकी यह चाल नाकाम रही। फिलहाल पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटा लिए हैं और मामले की गहराई से जांच जारी है।
चौथे आरोपी की तलाश जारी:
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह में एक और आरोपी शामिल है, जिसकी तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। झारखंड पुलिस ने आम लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि ऐसे अपराधों पर समय रहते रोक लगाई जा सके।












