दुबई एयर शो के दौरान शहीद हुए विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर रविवार को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले स्थित उनके पैतृक गांव पटियालकड़ पहुंचा। एयरफोर्स की वर्दी में उनकी पत्नी अफशां छोटी बेटी के साथ पहुंचीं तो माहौल गमगीन हो उठा। कांगड़ा एयरपोर्ट पर मां वीना देवी बेटे को अंतिम बार देखने के बाद बेसुध होकर रो पड़ीं, वहीं पिता जगन्नाथ के आंसू थम नहीं रहे थे। गांव में सेना और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ मोक्षधाम ले जाया गया, जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारी की गई है। नमांश का कोई सगा भाई नहीं था, इसलिए अंतिम संस्कार की मुखाग्नि उनके चचेरे भाई द्वारा दी जाएगी।

परिवार के अनुसार सात वर्षीय बेटी कुछ समय से दादा-दादी के पास रह रही थी, जबकि उनकी पत्नी अफशां कोलकाता में प्रशिक्षण पर थीं। शहीद नमांश का एयर शो से कुछ समय पहले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और बहादुरी को सलाम कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। स्थानीय लोगों का कहना है कि नमांश स्याल की शहादत पर गर्व है, लेकिन बेटे को खोने का दुख अवर्णनीय है।












