डुमरी के निमियाघाट थाना क्षेत्र स्थित रौशनाटुण्डा पंचायत के खेजवाली निवासी श्यामलाल मरांडी के 33 वर्षीय पुत्र अर्जुन मरांडी की गुरुवार को गुजरात में मौत हो गई। अर्जुन प्रवासी मजदूर थे और अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। वे अपने पीछे पत्नी बसंती देवी, 12 वर्षीय बेटी सोनिया कुमारी, माता सावित्री देवी और वृद्ध पिता को छोड़ गए हैं। प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों के लिए काम करने वाले समाजसेवी भुनेश्वर कुमार महातो ने दुख जताते हुए कहा कि झारखंड के युवाओं की प्रवास में मौत अब आम होती जा रही है। रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों जाने वाले मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकार सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सरकार पर है। गिरिडीह, हजारीबाग, धनबाद और बोकारो जैसे जिलों के युवा हर महीने बेहतर रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख करते हैं, लेकिन आए दिन उनकी मौत, शोषण या लापता होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।












