गिरिडीह। झारखंड सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा द्वारा बुधवार को आयोजित किए गए आंदोलन को गिरिडीह जिला प्रशासन ने असफल कर दिया। मोर्चा ने झारखंड सरकार के मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू के गिरिडीह स्थित आवास का घेराव करने की योजना बनाई थी। लेकिन जिला प्रशासन ने इस कदम को देखते हुए मंत्री के आवास और आसपास के क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी। इसके तहत शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी भी आंदोलनकारी को मंत्री के आवास के पास जाने से रोका जा सके।
सूत्रों के अनुसार, मोर्चा के सदस्यों ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सलैया रेलवे स्टेशन में इकट्ठा होकर प्रदर्शन की तैयारी की थी। लेकिन पचम्बा पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उन्हें पुलिस वैन में बैठाकर आंदोलन के असर को न्यूनतम करने का प्रयास किया। इस दौरान प्रशासन ने सार्वजनिक स्थलों और सड़क मार्गों की सुरक्षा बढ़ाकर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की तैयारी भी की थी।
जानकारी के अनुसार, झारखंड सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा की मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष जारी है। हालांकि इस बार प्रशासन ने सख्ती दिखाई और मोर्चा के सदस्यों को मंत्री के आवास तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। शहर में किसी भी तरह के हिंसक घटना की संभावना को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर रखी थी। इस कार्रवाई के बाद मोर्चा के प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच तनाव तो देखने को मिला, लेकिन स्थिति को नियंत्रण में रखा गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई सुनिश्चित करती है कि कानून और शांति बनाए रखी जाए। वहीं मोर्चा का कहना है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण था और वे अपनी मांगों को लेकर आगे भी आवाज उठाते रहेंगे। गिरिडीह में इस घटना के बाद सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटा जा सके। इस बीच, स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन की कार्रवाई की सराहना की और कहा कि यह कदम शहर की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी था।












