भागलपुर में सोमवार को आयोजित एक बड़ी चुनावी सभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। कहलगांव के गोराडीह प्रखंड के मुक्तापुर स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी राज में बिहार अंधकार के युग में था, जहां विकास का नाम तक नहीं लिया जाता था। उन्होंने कहा कि “उन लोगों ने केवल अपने परिवार के लिए काम किया, जनता के लिए नहीं।” मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि बिहार को फिर से पिछड़ेपन में नहीं जाने देना है और एनडीए को एक बार फिर राज्य की बागडोर सौंपनी चाहिए।
नीतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने अपने परिवार के लिए कुछ नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा के लिए पूरी जिंदगी समर्पित की है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार ने सभी वर्गों — चाहे हिंदू-मुस्लिम हों या सवर्ण, पिछड़े, अति पिछड़े, दलित और महादलित — सबके लिए समान रूप से काम किया है। उन्होंने कहा कि “हमने बिना भेदभाव के विकास किया है। हर व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास किया है।” मुख्यमंत्री ने जनता से कहा कि उनके काम को देखकर ही वोट करें, न कि झूठे वादों पर।
सीएम नीतीश कुमार ने 2005 से पहले की स्थिति को याद दिलाते हुए कहा कि उस समय बिहार में कानून व्यवस्था की हालत इतनी खराब थी कि शाम ढलते ही लोग घरों से निकलने से डरते थे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश में कानून का राज कायम किया और लोगों के जीवन में सुरक्षा का भरोसा लौटाया। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि अब बिहार में 2,58,000 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हर महीने हजारों मरीज मुफ्त इलाज का लाभ उठा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में “सात निश्चय योजना” का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना ने बिहार को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने हर घर तक नल-जल योजना के तहत शुद्ध पेयजल पहुंचाया है। साथ ही, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जीविका समूह के माध्यम से 10,000 रुपये तक की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा, “आज बिहार की महिलाएं सशक्त हैं, आत्मनिर्भर हैं, और हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।” उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण ने बिहार की तस्वीर बदल दी है।
अंत में सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि आज बिहार विकास की राह पर है और अगर जनता ने उन्हें दोबारा मौका दिया, तो राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने हर घर तक बिजली पहुंचाई, 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी, वृद्धावस्था पेंशन को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये किया। उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य है एक विकसित और आत्मनिर्भर बिहार बनाना।” भीड़ से उन्होंने अपील की कि झूठ और अफवाहों से बचें, क्योंकि बिहार अब पीछे नहीं जाएगा।












