जाटी, चाईबासा/जमशेदपुर : झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। विधायक सरयू राय की शिकायत पर राज्य सरकार ने कार्रवाई करते हुए उनके पास मौजूद 18 लाख रुपये मूल्य की ग्लाक पिस्टल जब्त कर ली है। बताया जा रहा है कि यह पिस्टल .45 बोर की है, जो भारत में प्रतिबंधित श्रेणी में आती है। इतना महंगा और उच्च श्रेणी का हथियार किसी नागरिक के पास होना कानूनी और प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोण से गंभीर सवाल खड़ा करता है। यह कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर झारखंड के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा की गई। विभाग के आदेश के बाद पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कार्रवाई को अंजाम दिया। सरयू राय ने राज्यपाल और गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि मंत्री रहते हुए बन्ना गुप्ता ने यह अवैध हथियार अपने पास रखा था, जिसकी सूचना उपायुक्त को पहले ही दी गई थी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मंत्रालय ने राज्य सरकार को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई हुई।
सूत्रों के अनुसार, गृह विभाग ने 6 मार्च 2025 को एक पत्र जारी कर प्रतिबंधित ग्लाक पिस्टल रखने वाले सभी लाइसेंसधारकों की समीक्षा कराई, जिसमें केवल बन्ना गुप्ता का नाम सामने आया। इसके बाद, पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त ने जमशेदपुर एसएसपी को पिस्टल जमा कराने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया। अंततः बन्ना गुप्ता ने शनिवार को अपनी ग्लाक पिस्टल जिला शस्त्रागार में जमा करा दी, जिसकी पावती रसीद भी जमा की गई। ग्लाक पिस्टल ऑस्ट्रिया निर्मित सेमी-ऑटोमैटिक हथियार है, जो अपनी विश्वसनीयता और हल्के पालीमर फ्रेम के कारण दुनियाभर में लोकप्रिय है। भारत के शस्त्र अधिनियम 1959 के तहत इसे प्रतिबंधित बोर की श्रेणी में रखा गया है, जिसका उपयोग केवल सेना और पुलिस बलों को करने की अनुमति है। आम नागरिकों को ऐसे हथियारों का लाइसेंस नहीं दिया जाता, जब तक कि केंद्र सरकार की ओर से विशेष अनुमति न दी जाए।












