श्रद्धा, आस्था और पवित्रता के प्रतीक छठ व्रत की आज विधिवत शुरुआत गेहूं धोने और चावल चुनने की पारंपरिक विधि के साथ हुई। महिलाओं ने पूरे उत्साह और भक्तिभाव से व्रत की तैयारियाँ आरंभ कीं, जिससे घर-आंगन में भक्ति और पवित्रता का वातावरण छा गया। “छठी माई की जय” के जयघोष से पूरा परिवेश गूंज उठा।

यह व्रत सूर्यदेव और छठी माई को समर्पित है, जो परिवार के सुख, समृद्धि और संतान की दीर्घायु के लिए किया जाता है। इस अवसर पर शालिनी बैसखियार द्वारा मेट्रोस गली स्थित उनके आवासीय परिसर में सूर्यदेव की भव्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है, जिसकी चार दिन तक पूजा-अर्चना की जाएगी। व्रत के अंतिम दिन पारण के साथ श्रद्धालुओं द्वारा सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित कर प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।












