गिरिडीह जिले में खिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार से निकली ज्योति कलश रथ यात्रा का भ्रमण पिछले 3 अक्टूबर 2025 से लगातार जारी है। अब तक यह यात्रा गांवा, तिसरी, जमुआ, देवरी और राजधनवार प्रखंडों के दर्जनों गांवों का भ्रमण कर चुकी है। वर्तमान में रथ यात्रा बिरनी प्रखंड के कई गांवों में श्रद्धालुओं के बीच पहुंची है। गांव-गांव में लोगों द्वारा श्रद्धा और भक्ति भाव से ज्योति कलश की आरती एवं पूजन किया जा रहा है। यह यात्रा अखंड दीप प्रज्वलन के 100 वर्ष एवं माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में निकाली गई है, जिसका उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक जागरण और संस्कार निर्माण है।
वेद मूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह यात्रा एक महाअभियान का रूप ले चुकी है। यात्रा के दौरान हजारों लोगों ने गायत्री महामंत्र उपासना का संकल्प लिया और अपने जीवन से बुराइयों को त्यागने का प्रण किया। प्रत्येक गांव में जहां रथ यात्रा पहुंचती है, वहां दीप महायज्ञ का आयोजन किया जाता है, जिसमें परिवार, समाज और राष्ट्र कल्याण की कामना की जाती है। यह दिव्य यात्रा आस्था, एकता और नैतिक उत्थान का प्रतीक बन चुकी है।
इस यात्रा को सफल बनाने में गिरिडीह जिला प्रमुख कामेश्वर सिंह, जोन समन्वयक रांची राम नरेश प्रसाद, व्यवस्थापक गायत्री शक्तिपीठ रांची जटा शंकर झा, जिला समन्वयक गिरिडीह नरेश प्रसाद यादव सहित जिले के सभी गायत्री परिवार के सदस्य सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। जहां-जहां यात्रा पहुंचती है, वहां के स्थानीय परिजन उत्साहपूर्वक स्वागत करते हैं और अगले प्रखंड में यात्रा के प्रवेश करते ही वहां के गायत्री साधक इसमें शामिल हो जाते हैं। जिले में इस ज्योति कलश रथ यात्रा का भव्य समापन 2 नवंबर 2025 को होने जा रहा है, जिसका सभी श्रद्धालुओं को बेसब्री से इंतजार है।












