Aba News

Jharkhand News : छात्रों के लिए खुशखबरी — एमजीएम मेडिकल कॉलेज में बढ़ेंगी एमबीबीएस की सीटें, मिलेगी 150 सीटों की मंजूरी

जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज से छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहां एमबीबीएस की सीटें 100 से बढ़ाकर 150 किए जाने की संभावना प्रबल हो गई है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने कॉलेज प्रशासन से कुछ आवश्यक खामियों को दूर करने के लिए अंडरटेकिंग मांगी थी, जिसे कॉलेज की ओर से जमा कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि एनएमसी की ओर से मिले सकारात्मक संकेतों से इस प्रक्रिया को अंतिम मंजूरी जल्द मिल सकती है। सीट बढ़ने से न केवल छात्रों को मेडिकल शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई मजबूती मिलेगी।

मंगलवार को एमजीएम कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दिवाकर हांसदा और एनएमसी के अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में कॉलेज की इंफ्रास्ट्रक्चर, लैब और क्लिनिकल सुविधाओं की समीक्षा की गई। एनएमसी की टीम ने अगस्त महीने में कॉलेज का विस्तृत निरीक्षण किया था, जिसमें कई पहलुओं पर संतोषजनक रिपोर्ट दी गई थी। हालांकि, कुछ फैकल्टी और उपकरणों की कमी पर सुधार की आवश्यकता जताई गई थी। कॉलेज प्रशासन ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर आवश्यक अंडरटेकिंग सौंप दी, जिससे कॉलेज की गंभीरता और तत्परता का संकेत मिला। एनएमसी सूत्रों के अनुसार, अगर सीट बढ़ाने की दिशा में कदम न उठाया जा रहा होता, तो इस तरह की बैठक की जरूरत ही नहीं पड़ती।

एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ने से एमजीएम अस्पताल की कार्यक्षमता में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। हर साल 50 नए छात्रों के जुड़ने से इंटर्न डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, जिससे मरीजों को बेहतर और त्वरित सेवा मिल सकेगी। ओपीडी, आपातकालीन वार्ड और विशेष चिकित्सा इकाइयों में डॉक्टरों की उपस्थिति अधिक होगी, जिससे इलाज की गुणवत्ता में सुधार आएगा। साथ ही, छात्रों को क्लिनिकल रिसर्च और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए अधिक अवसर प्राप्त होंगे। यह परिवर्तन न केवल एमजीएम कॉलेज बल्कि पूरे कोल्हान प्रमंडल के चिकित्सा ढांचे के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

छात्रों के दृष्टिकोण से यह निर्णय अत्यंत लाभकारी है। झारखंड और आसपास के राज्यों के विद्यार्थियों को अब 50 अतिरिक्त सीटों का अवसर मिलेगा, जिससे मेडिकल एडमिशन की प्रतिस्पर्धा में राहत मिलेगी। राज्य के गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने राज्य में ही मिल सकेगी। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि सीट वृद्धि से शैक्षणिक माहौल और रिसर्च गतिविधियां मजबूत होंगी। प्रिंसिपल डॉ. दिवाकर हांसदा ने कहा कि, “हमने एनएमसी की सभी शर्तें पूरी कर ली हैं और आयोग की प्रतिक्रिया बेहद सकारात्मक रही है। हमें उम्मीद है कि जल्द ही एमबीबीएस की 150 सीटों को औपचारिक मंजूरी मिल जाएगी।” यह उपलब्धि झारखंड के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में एक नई दिशा स्थापित करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़ें