बिहार में मौसम का मिजाज अब पूरी तरह बदलने लगा है। मानसून के लगभग विदा लेने के बाद सर्दी ने अपनी दस्तक दे दी है। सुबह के समय घने कोहरे की चादर बिछी रहती है, जिससे सूरज की किरणें देर से धरती तक पहुंच पाती हैं। वहीं दोपहर में अब भी चटक धूप निकल रही है, जो लोगों को कुछ राहत देती है। लेकिन जैसे ही शाम ढलती है, तापमान में तेजी से गिरावट आती है और सर्द हवाएं शरीर में सिहरन पैदा कर रही हैं। ग्रामीण इलाकों में लोग अब धीरे-धीरे स्वेटर और जैकेट निकालने लगे हैं, वहीं शहरी इलाकों में भी ठंडी हवाओं का असर महसूस होने लगा है।
मौसम विभाग (IMD) की मानें तो इस बार बिहार में ठंड सामान्य से अधिक कड़ाके की रहने वाली है। नवंबर के पहले सप्ताह से ही तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिलेगी। दिसंबर और जनवरी के बीच शीतलहर का गहरा असर रहेगा, जिससे सुबह और रात का तापमान काफी नीचे जा सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने जानकारी दी है कि 15 अक्टूबर तक बिहार के सभी जिलों से मानसून की पूरी तरह विदाई हो जाएगी। पिछले कुछ दिनों से राज्य के किसी भी हिस्से में बारिश नहीं हुई है, जिससे ठंडी हवाओं ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है।
राजधानी पटना में शनिवार को आसमान बिल्कुल साफ रहा। दिन में हल्की गर्माहट के साथ धूप खिली रही, लेकिन उसमें अब पहले जैसी तल्खी नहीं थी। शाम के समय ठंडी हवाएं चलने से मौसम खुशनुमा हो गया। पटना में अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन हल्की बादलों के बीच 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। तापमान में धीरे-धीरे कमी जारी रहेगी और आने वाले दिनों में सर्दी के बढ़ने की पूरी संभावना है।












