गिरिडीह में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शनिवार को एक भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जिसने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। झंडा मैदान से प्रारंभ होकर यह रैली टावर चौक और कालीबाड़ी चौक होते हुए सम्पन्न हुई। रैली में शामिल स्कूली बच्चियों के हाथों में जलती मोमबत्तियाँ और तख्तियाँ थीं, जिन पर लिखा था — “बच्चियों का नेतृत्व, बदलाव की शुरुआत।” इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बेटियों के अधिकारों को लेकर जागरूकता फैलाना और उन्हें शिक्षा, सुरक्षा एवं सम्मान का संदेश देना था। इस दौरान शहर की सड़कों पर बच्चियों की ऊर्जा और जोश ने यह स्पष्ट किया कि अब बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।

रैली में उपायुक्त रामनिवास यादव सहित जिले के वरीय अधिकारियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सामाजिक संस्थाओं और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। उपायुक्त ने कहा कि ऐसी रैलियाँ समाज में बेटियों के प्रति सोच बदलने में मील का पत्थर साबित होती हैं। उन्होंने यह भी अपील की कि हर परिवार अपनी बेटियों को समान अवसर और शिक्षा देने का संकल्प ले। कार्यक्रम के अंत में प्रशासन ने यह संदेश दिया कि “बेटियाँ बोझ नहीं, समाज की ताकत हैं,” और उन्हें सशक्त बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस तरह गिरिडीह की यह रैली केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बदलाव की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हुई।












