रांची: झारखंड की राजनीति एक बार फिर गर्माने वाली है, क्योंकि घाटशिला विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। चुनाव आयोग ने सोमवार को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि घाटशिला उपचुनाव के लिए 11 नवंबर को मतदान होगा और 14 नवंबर को मतगणना की जाएगी। यह उपचुनाव झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद खाली हुई सीट पर कराया जा रहा है। सोरेन की लोकप्रियता और जनाधार के कारण यह सीट लंबे समय से झामुमो का मजबूत गढ़ रही है। लेकिन उनके निधन के बाद अब समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं, जिससे राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है।
राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी दल, दोनों ही इस उपचुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल मानकर पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि घाटशिला की यह लड़ाई केवल एक सीट की नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए जनता के रुख को समझने का भी संकेत देगी। पूर्वी सिंहभूम जिले की यह सीट आदिवासी बहुल क्षेत्र है और यहाँ का मतदाता अक्सर राज्य की सत्ता के समीकरण तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आने वाले दिनों में प्रमुख दल अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकते हैं, जिससे चुनावी माहौल और अधिक रोचक हो जाएगा।












