गिरिडीह शहरी क्षेत्र के बाभनटोली स्थित एक निजी तालाब में बीती रात असामाजिक तत्वों ने जहर डाल दिया, जिसके कारण तालाब में पाली गई लगभग 50 क्विंटल से अधिक मछलियों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही तालाब मालिक तरुण कुमार सिंह उर्फ गोलू कुमार और आस-पास के ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते तालाब के किनारे भारी संख्या में लोग जुट गए और मृत मछलियों को तालाब से बाहर निकाला गया। गोलू कुमार का कहना है कि उनके परिवार की कड़ी मेहनत और निवेश के बाद इस निजी तालाब में बड़ी मात्रा में मछली पाली गई थी, लेकिन कुछ असामाजिक और दबंग किस्म के लोगों ने जानबूझकर तालाब को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लंबे समय से कुछ लोग इस तालाब को सरकारी घोषित करने और इसके पास सार्वजनिक रास्ता बनाने की मांग कर रहे थे, जिससे विवाद की स्थिति बनी हुई थी।

तालाब में जहर डाले जाने की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि सामाजिक तनाव भी बढ़ाती हैं। तालाब मालिक ने आरोप लगाया है कि कुछ असामाजिक लोग मछली चोरी की घटनाओं को भी अंजाम देते रहे हैं और इस बार बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने के लिए जहर डाला गया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है ताकि दोषियों को कड़ी सजा दी जा सके। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर ऐसे तत्वों पर सख्ती नहीं बरती गई तो भविष्य में भी इस तरह की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। फिलहाल पूरे इलाके में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी और आक्रोश का माहौल है।












