शुक्रवार 19 सितंबर 2025 को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत भारी दबाव के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 190 अंक टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 25400 के नीचे फिसलकर खुला। इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, अडानी समूह के कुछ शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जिसने बाजार पर बने दबाव को आंशिक रूप से संभाला। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह उतार-चढ़ाव अस्थायी है और आने वाले समय में बाजार मजबूत स्थिति में लौट सकता है।
भारतीय बाजार में दबाव का सबसे ज्यादा असर बैंकिंग और आईटी सेक्टर में देखने को मिला। टेक महिंद्रा, टीसीएस और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में 1 से 2 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। बजाज फाइनेंस और हिंडाल्को जैसी कंपनियों ने भी निवेशकों को निराश किया है। इसके साथ ही मेटल और एफएमसीजी शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली, जिससे बाजार का मूड और बिगड़ गया। हालांकि, दूसरी ओर ऑटो और फार्मा सेक्टर के कुछ शेयरों ने हल्की मजबूती दिखाई। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वीके विजय कुमार ने कहा कि बाजार फिलहाल सुधार की प्रक्रिया में है और सही समय पर यह नए रिकॉर्ड भी बना सकता है।
अगर तेजी वाले शेयरों की बात करें तो अडानी पोर्ट्स में 1.60%, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में 0.66%, मारुति सुजुकी में 0.29%, लार्सन एंड टर्बो में 0.27% और एनटीपीसी के शेयर में 0.15% की बढ़त देखने को मिली। इन शेयरों ने थोड़ी राहत जरूर दी लेकिन कुल मिलाकर बिकवाली का दबाव हावी रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में ग्लोबल संकेत और घरेलू आर्थिक डेटा भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को फिलहाल सतर्क होकर कदम बढ़ाने की सलाह दी जा रही है।












