झारखंड में जारी मानसूनी बारिश अभी थमने का नाम नहीं ले रही है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि नवरात्र की कलश स्थापना यानी 22 सितंबर तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। विभाग ने 19 और 20 सितंबर के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि इस दौरान कई स्थानों पर गर्जन और तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। वहीं, 21 और 22 सितंबर को भी राज्य के कुछ जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद इसमें 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पिछले 24 घंटों में राज्य में मानसून की सक्रियता सामान्य रही। इस दौरान अनेक जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई, जिसमें सबसे अधिक 26.6 एमएम बारिश रामगढ़ में हुई। सरायकेला में अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस और लातेहार में न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 1 जून से 18 सितंबर तक झारखंड में औसतन 1123.7 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से 19% अधिक है। जिलेवार आंकड़े बताते हैं कि पूर्वी सिंहभूम में 1581.9 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से 57% ज्यादा है। इसके अलावा रांची में 1421.9 मिमी (47% अधिक), सरायकेला-खरसावां में 1403.7 मिमी (50% अधिक) और धनबाद में 1303.5 मिमी (33% अधिक) बारिश दर्ज की गई।
हालांकि, कुछ जिलों में कम वर्षा की स्थिति बनी हुई है। पाकुड़ में अब तक 801.8 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 25% कम है। इसी तरह गोड्डा में 748.2 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 9% कम है, जबकि देवघर में 776.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 13% कम है। राज्य के अन्य जिलों में बारिश सामान्य से थोड़ी अधिक या लगभग सामान्य रही। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में जहां किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद हो सकती है, वहीं बिजली गिरने का खतरा लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।












