उत्तराखंड के चमोली जिले में भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही मचाई है। नंदानगर नगर पंचायत के कुंतरी वार्ड और धुरमा गांव में बुधवार देर रात भूस्खलन और बाढ़ का मलबा आधा दर्जन से अधिक मकानों पर टूट पड़ा। इस हादसे में कई परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि पांच लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, कुंतरी लगा फाली से आठ और धुरमा से दो लोगों के लापता होने की सूचना है। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने का काम जारी है।
भूस्खलन की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। प्रशासन ने तीन 108 एंबुलेंस के साथ मेडिकल टीम को भी मौके पर भेजा है ताकि किसी भी घायल व्यक्ति का तुरंत उपचार हो सके। जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविरों की व्यवस्था की है। वहीं, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भारी बारिश जारी रह सकती है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
लापता लोगों की तलाश में टीमें युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग किया है। बताया जा रहा है कि हादसे से पहले भी इस इलाके में जमीन धंसने और गहरी दरारें पड़ने की घटनाएं सामने आ चुकी थीं। ऐसे में प्रशासन की चुनौती अब सिर्फ राहत और बचाव कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए ठोस रणनीति बनाना भी जरूरी हो गया है।












