बिहार की राजनीति इन दिनों विधानसभा चुनाव को लेकर बेहद गर्म है। ऐसे समय में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का अचानक दो दिवसीय बिहार दौरा चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, अमित शाह बुधवार शाम 7 बजे विशेष विमान से पटना पहुंचे और वहीं उनका रात्रि विश्राम होगा। अगले दिन यानी गुरुवार को वह कई अहम बैठकों में हिस्सा लेंगे। बताया जा रहा है कि शाह कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके इस दौरे से बीजेपी कार्यकर्ताओं का उत्साह दोगुना होगा और चुनावी तैयारियों को नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया पूर्णिया दौरे के बाद अमित शाह का यह दौरा बिहार की सियासत में नया मोड़ ला सकता है।
गुरुवार को गृहमंत्री का कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहने वाला है। वह सबसे पहले सुबह 10 बजे सासाराम के ललन सिंह स्टेडियम में बैठक करेंगे, जहां मगध और शाहाबाद के दस जिलों से आए लगभग 2500 प्रमुख कार्यकर्ताओं से मुलाकात होगी। इस बैठक में सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य और पार्टी पदाधिकारी भी शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे शाह बेगूसराय के रिफाइनरी टाउनशिप खेल मैदान पहुंचेंगे और यहां दस जिलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक शाह 27 सितंबर को फिर बिहार आ सकते हैं, जहां शेष जिलों के नेताओं से भी बैठक होगी। लगातार बढ़ते इन दौरों से यह साफ है कि बीजेपी बिहार में संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को धार देने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। शाह का यह दौरा न सिर्फ चुनावी समीकरण बदल सकता है बल्कि विपक्ष की रणनीति पर भी दबाव बना सकता है।












