झारखंडवासियों के लिए एक बड़ी राहतभरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि अब पूरे राज्य में 700 अबुआ मेडिकल स्टोर खोले जाएंगे। इन स्टोरों का उद्देश्य राज्य के गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक मुफ्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इन स्टोरों के माध्यम से सुदूर ग्रामीण इलाकों तक भी दवा पहुंच सकेगी। यह कदम न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगा बल्कि गरीब मरीजों के लिए जीवनरक्षक सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि दवा के अभाव में किसी गरीब की जान नहीं जानी चाहिए और हर हाल में दवाएं समय पर उपलब्ध होनी चाहिए।
सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री से कांके रोड स्थित उनके आवासीय कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि गरीबों को दवाओं के लिए परेशान न होना पड़े। बैठक में यह भी तय हुआ कि पहले चरण में 700 मेडिकल स्टोर खोले जाएंगे, और आगे आवश्यकता के अनुसार इसकी संख्या बढ़ाई जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बेहद संवेदनशील हैं और यही कारण है कि ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में गरीबों को अब मुफ्त दवा आसानी से उपलब्ध होगी।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री के साथ अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह और एनएचआरएम के निदेशक शशि प्रकाश झा भी मौजूद थे। इस दौरान “स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार” अभियान पर भी चर्चा हुई, जो 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस अभियान की शुरुआत राजधानी रांची से करेंगे, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका शुभारंभ इंदौर से करेंगे। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के जरिए झारखंड के स्वास्थ्य ढांचे में बड़ा सुधार होगा और गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।












