बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने किशनगंज में आयोजित सभा के दौरान एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि जेडीयू आगामी चुनाव में 25 से ज्यादा सीटें नहीं जीत पाएगी, और यदि ऐसा हुआ तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे। कार्यक्रम अंजुमन इस्लामिया प्रांगण में आयोजित किया गया था, जिसमें उलेमा और समुदाय के कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए। इस दौरान प्रशांत किशोर ने विपक्ष पर तीखे हमले किए और मंच से कई बार विवादित बयान भी दे डाले। उन्होंने पैगम्बर मोहम्मद साहब का हवाला देते हुए जनता से समर्थन मांगा और कहा कि वे सीमांचल की आवाज़ को राजनीति के केंद्र में लाना चाहते हैं।
हालांकि, सभा के दौरान व्यवस्था बिगड़ने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों की भीड़ इतनी बढ़ गई कि नाश्ते और टोपी वितरण के दौरान अव्यवस्था फैल गई। कई लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें सभा में लाने के लिए 500 रुपये और भोजन का वादा किया गया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया। इस बीच मीडिया से बातचीत में PK विपक्षी नेताओं पर खासे हमलावर दिखे। जब उनसे पूछा गया कि जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा ने उन पर शराब माफियाओं से मिलीभगत का आरोप लगाया है, तो PK भड़क उठे और उन्हें “सड़क पर चलने वाला कुत्ता” कह डाला। भाजपा सांसद संजय जायसवाल के लीगल नोटिस पर भी उन्होंने करारा पलटवार करते हुए कहा, “जब गीदड़ की मौत आती है, तो वह शहर की ओर भागता है।”
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सीमांचल क्षेत्र में मुस्लिम वोट बैंक को साधने के लिए प्रशांत किशोर हर संभव रणनीति आजमा रहे हैं। लेकिन यहां की जनता उनके दावों और रणनीतियों पर कितना भरोसा करेगी, यह कहना अभी मुश्किल है। किशनगंज की सभा जहां प्रशांत किशोर के लिए लोकप्रियता जुटाने का मंच बनी, वहीं विवादों और आरोप-प्रत्यारोप का कारण भी। चुनावी राजनीति के इस महासंग्राम में PK ने अपनी सियासी जमीन मजबूत करने का पूरा प्रयास किया है, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके दावे कितने सही साबित होते हैं। बिहार की राजनीति में इस समय PK का यह बयान सबसे बड़ी सुर्खियों में है और आने वाले समय में यह सियासी बहस का केंद्र बनने वाला है।












