झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची ने राज्य स्तर पर “मेरी किताब, मेरी कहानी” रीडिंग कैंपेन की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों में किताबों के प्रति रुचि जगाना और पढ़ाई को केवल शैक्षणिक गतिविधि न बनाकर जीवन का अहम हिस्सा बनाना है। 2 से 9 वर्ष के बच्चों के लिए पढ़ना मस्तिष्क, स्मरण शक्ति और मानसिक विकास को मजबूत करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुखर वाचन, कहानी कथन, मोबाइल लाइब्रेरी वैन और रीड-अ-थॉन जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। इस दौरान 1 सितम्बर को राज्यभर में सामूहिक पठन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बच्चे, शिक्षक, अभिभावक और समुदाय एक साथ पढ़ेंगे।

गिरिडीह में इस अभियान की शुरुआत जिला शिक्षा अधीक्षक मुकुल राज, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी प्रदीप रवानी और रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट के जिला लीड सुजीत कुमार ने मोबाइल लाइब्रेरी वैन को हरी झंडी दिखाकर की। कार्यक्रम में शिक्षा अधिकारियों ने प्रतिदिन पढ़ने की आदत को बच्चों के जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उनका कहना है कि यह अभियान न सिर्फ मेरा विद्यालय निपुण एवं मैं भी निपुण कार्यक्रम के लक्ष्यों को मजबूत करेगा, बल्कि विद्यालय और समुदाय में पठन संस्कृति को उत्सव की तरह जीवंत बनाएगा।













