झारखंड की राजनीति और आदिवासी समाज के सबसे बड़े नेता, पूर्व मुख्यमंत्री एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संरक्षक शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग अब तेज हो गई है। झारखंड विधानसभा में एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित कर सरकार से आग्रह किया गया कि ‘दिशोम गुरु’ को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलना चाहिए। गौरतलब है कि शिबू सोरेन ने न केवल झारखंड आंदोलन की नींव मजबूत की बल्कि आदिवासी, दलित और वंचित समुदायों की आवाज़ बनकर हमेशा संघर्ष किया।
विधानसभा में इस प्रस्ताव पर सभी दलों ने एकमत होकर समर्थन दिया और माना कि शिबू सोरेन का योगदान सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने पूरे देश की राजनीति में आदिवासी समुदाय की पहचान को नया आयाम दिया। लंबे संघर्षों के बाद बने झारखंड राज्य के हर पड़ाव पर उनकी अहम भूमिका रही है। यही कारण है कि उन्हें ‘दिशोम गुरु’ कहकर सम्मानित किया जाता है।












