झारखंड के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री और मधुपुर विधायक हफीजुल हसन की अचानक तबीयत बिगड़ने से गुरुवार सुबह हड़कंप मच गया। उन्हें बेचैनी, अत्यधिक पसीना आने और सांस लेने में तकलीफ़ के बाद आनन-फानन में रांची के पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने सीटी स्कैन सहित कई जांच कीं, जिसके बाद प्रारंभिक रिपोर्ट में राहत की खबर आई है कि उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर है। फिलहाल उन्हें अगले 24 घंटे तक ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि हफीजुल हसन के हार्ट में कोई दिक़्क़त नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें फूड एलर्जी हुई थी, जिसके कारण उनके लंग्स प्रभावित हुए और निमोनिया के कुछ शुरुआती लक्षण भी पाए गए हैं। हालांकि अब उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।
मंत्री अंसारी ने आगे बताया कि ऑब्जर्वेशन के बाद डॉक्टरों की टीम यह तय करेगी कि उन्हें आगे के इलाज के लिए दिल्ली रेफर करना होगा या रांची में ही इलाज जारी रहेगा। फिलहाल राज्य सरकार और उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली है और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की जा रही है।












