राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जन-जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। स्वर्णरेखा नदी उफान पर है और नामकुम रेलवे क्रॉसिंग के पास राधा-कृष्ण मंदिर को जोड़ने वाले पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। कई घरों में घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे घरों में रखे सामान बहने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इतनी भीषण बारिश पहले कभी नहीं देखी। वहीं प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए पुल पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया है और बैरिकेडिंग कर दी गई है।
नामकुम बस्ती और केतारी बगान क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर हैं। स्वर्णरेखा नदी के किनारे बने घरों का निचला हिस्सा जलमग्न हो गया है और कई वाहन भी पानी में डूब गए हैं। नामकुम-डोरंडा मार्ग पर जलस्तर इतना बढ़ गया कि शमशान घाट तक पानी पहुंच गया, जिसके चलते अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी ठप पड़ गई। स्थानीय लोग प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक राहत और बचाव कार्य पर्याप्त नहीं दिख रहा है।
शनिवार को बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कई डैमों के फाटक खोल दिए गए, जिससे स्थिति और भयावह हो गई है। राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में नदियां और डैम लगातार उफान पर हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और बारिश की चेतावनी दी है। आम लोगों से अपील की जा रही है कि नदी-नालों के किनारे न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें। फिलहाल लोग प्रशासन की ओर टकटकी लगाए हैं कि कब तक उन्हें राहत और बचाव मिल पाता है।












