रांची से बड़ी खबर – झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने बिजली चोरी के खिलाफ राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। 19 और 20 अगस्त को दो दिवसीय छापेमारी में 7600 परिसरों की जांच की गई, जिसमें 1188 मामलों में बिजली चोरी की पुष्टि हुई। निगम ने इस दौरान लगभग 196.44 लाख रुपये की वसूली का आकलन किया है। यह कदम न केवल बिजली चोरी पर नकेल कसने के लिए अहम है, बल्कि राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में भी बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस अभियान के तहत रांची, गुमला, जमशेदपुर, चाईबासा, धनबाद, बोकारो, डालटनगंज, गढ़वा, दुमका, साहिबगंज, गिरिडीह, देवघर, हजारीबाग, रामगढ़ और कोडरमा सर्किल शामिल रहे। आंकड़ों पर नज़र डालें तो रांची सर्किल में 1048 छापों में 131 बिजली चोरी के मामले सामने आए, जिससे लगभग 19.43 लाख की रिकवरी का अनुमान लगाया गया। वहीं जमशेदपुर में 743 छापों में 81 मामलों की पुष्टि हुई और 23.39 लाख की वसूली का आकलन किया गया। ये आंकड़े साफ़ बताते हैं कि बिजली चोरी का जाल पूरे राज्य में फैला हुआ है और इसे रोकना सरकार व निगम दोनों के लिए चुनौती बना हुआ है।
बिजली विभाग ने साफ कहा है कि यह अभियान केवल शुरुआत है और आगे भी ऐसे छापेमारी अभियान लगातार जारी रहेंगे। साथ ही निगम ने जनता से अपील की है कि वे बिजली चोरी की गुप्त सूचना साझा करके इस मुहिम को और सशक्त बनाएं। इसके लिए 94311-35515 नंबर भी जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जनता का सहयोग मिलेगा तो बिजली चोरी जैसी गंभीर समस्या पर नियंत्रण पाना आसान होगा और पूरे राज्य को एक स्थायी ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था मिल सकेगी।












