रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हुई अपनी हालिया मुलाक़ात के बारे में जानकारी साझा की। पुतिन ने बताया कि अलास्का में हुई यह बैठक रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के तरीकों पर केंद्रित रही और इसमें सकारात्मक व सार्थक बातचीत हुई। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि भारत हमेशा से संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थक रहा है और आगे भी हर कोशिश का साथ देगा। मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि वे राष्ट्रपति पुतिन के साथ भविष्य में भी लगातार संवाद की आशा करते हैं।
गौरतलब है कि शनिवार (16 अगस्त 2025) को पुतिन और ट्रंप की मुलाक़ात के बाद दोनों नेताओं ने युद्धविराम पर विचार-विमर्श किया था। ट्रंप ने बैठक को उपयोगी बताया लेकिन यह भी साफ किया कि अंतिम समझौता अभी नहीं हुआ है। उन्होंने रूस पर दबाव डाला कि वह यूक्रेन की शर्तों को मानते हुए युद्ध समाप्त करे। पुतिन ने बैठक को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण दिशा में एक कदम बताया। इस बातचीत के तुरंत बाद पुतिन ने मोदी को फोन कर भरोसा दिलाया कि भारत जैसे देशों की राय शांति बहाल करने में अहम होगी।
हालांकि, बातचीत के बीच भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव भी देखने को मिला। हाल ही में अमेरिका ने रूस से सस्ता तेल खरीदने को लेकर भारत पर 25% नया टैरिफ लगा दिया। ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि यह व्यापार अप्रत्यक्ष रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध को आर्थिक मदद पहुंचा रहा है। भारत ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा कि पश्चिमी देश अपनी ज़रूरतें महंगे दाम पर पूरी कर सकते हैं, लेकिन 1.4 अरब की आबादी वाले भारत को सस्ती ऊर्जा की आवश्यकता है। भारत ने इस टैरिफ को अनुचित और अव्यावहारिक करार देते हुए साफ कहा है कि राष्ट्रीय हितों और जनता की ज़रूरतों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।












