गिरिडीह जिले के परसन थाना क्षेत्र के पंदनाटांड़ में अवैध पत्थर खदान ने एक और मजदूर की जान ले ली। मृतक की पहचान 50 वर्षीय बालकिशुन मेहता, निवासी बेराडीह (डोमचांच, कोडरमा) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक बालकिशुन ड्रिलिंग मशीन से गिरने के बाद मौके पर ही मौत का शिकार हो गया। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस खदान में यह हादसा हुआ उसकी लीज तीन साल पहले ही खत्म हो चुकी थी, लेकिन खनन माफिया महेन्द्र मोदी खुलेआम पत्थर का उत्खनन करा रहा था। हादसे के बाद खदान संचालक और उसके गुर्गों ने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की, मगर मजदूरों ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी।
इसके बाद परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में खदान पर पहुंचे तो मामला बाहर आया। हालांकि, सूचना मिलने के बाद भी पुलिस घंटों तक खामोश रही और कार्रवाई से बचती रही। जब ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ा तब जाकर शव को कब्जे में लिया गया, लेकिन यहां भी माफिया को बचाने की कोशिशें साफ झलक रही थीं। परिजनों के चीत्कार के बीच थाना परिसर में ही मुआवज़े के नाम पर सौदेबाज़ी हुई और आखिरकार पुलिस की मौजूदगी में 5 लाख रुपये पर समझौता करवा दिया गया। यह घटना न सिर्फ प्रशासन और खनन माफियाओं की सांठगांठ उजागर करती है बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे गरीब मजदूरों की ज़िंदगी और मौत को पैसे में तौला जा रहा है।













