जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोती गांव में बादल फटने के बाद हालात अभी भी भयावह बने हुए हैं। ताज़ा अपडेट के अनुसार, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) अस्पताल में भर्ती 75 घायलों में से एक और व्यक्ति ने दम तोड़ दिया, जबकि चार की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। अब तक इस आपदा में 61 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर श्रद्धालु शामिल थे। हादसे के बाद 100 से अधिक लोग घायल हुए और 50 लोग अब भी लापता हैं। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक 24 घायलों का ऑपरेशन किया गया, जिनमें विजयपुर निवासी 35 वर्षीय अशोक कुमार की 16 अगस्त को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
अस्पताल से रविवार को जारी आंकड़ों में बताया गया कि 20 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि तीन मरीज अस्पताल से फरार हो गए और चार अन्य बिना चिकित्सकीय सलाह के चले गए। इस बीच, चशोती गांव से 11 शव और एक व्यक्ति का क्षत-विक्षत अंग भी अस्पताल के मुर्दाघर लाए गए, जिन्हें औपचारिकताएं पूरी करने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। यह घटना तब हुई जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु मचैल माता यात्रा पर थे, जिससे त्रासदी और भी भयावह हो गई। इस यात्रा की शुरुआत 25 जुलाई को हुई थी और इसका समापन 5 सितंबर को होना था।
स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है, लेकिन लापता लोगों की खोज अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। बादल फटने से आई अचानक बाढ़ ने 10 से अधिक आवासीय मकानों, छह सरकारी भवनों, दो मंदिरों, चार पवन चक्कियों, एक पुल और दर्जनों वाहनों को भी बहा दिया। इस आपदा ने न सिर्फ श्रद्धालुओं की आस्था को झकझोर दिया है बल्कि इलाके में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शोक और निराशा के बीच अब भी कई परिवार अपने प्रियजनों के सुरक्षित लौटने की आस लगाए बैठे हैं।












