बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रशांत किशोर का बड़ा बयान सामने आया है। बीबीसी से बातचीत में उन्होंने साफ कह दिया कि वे बिना पूर्ण बहुमत के किसी के साथ गठबंधन कर सरकार नहीं बनाएंगे। त्रिशंकु स्थिति में भी वे किसी पार्टी का साथ नहीं देंगे। प्रशांत किशोर ने यहां तक कहा कि अगर उनकी पार्टी को सिर्फ 20-25 सीटें मिलती हैं तो वे अपने विधायकों को किसी दूसरी पार्टी से हाथ मिलाने की छूट देंगे, जबकि खुद दोबारा चुनावी तैयारी में जुट जाएंगे।
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बिहार में पहली बार पलायन का मुद्दा उन्होंने उठाया है, जिसे अब तक सरकारें उपलब्धि बताकर पेश करती रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार इस बार किसी भी तरह से मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। साथ ही उन्होंने अपनी “विचारधारा आधारित राजनीति” का फॉर्मूला रखते हुए कहा कि जो लोग गांधी, जयप्रकाश, अंबेडकर और लोहिया की विचारधारा में विश्वास रखते हैं, वे मुसलमानों के साथ मिलकर एक नया सामाजिक-राजनीतिक समीकरण बना सकते हैं। अब देखना होगा कि प्रशांत किशोर का यह नया राजनीतिक प्रयोग बिहार में बहुमत की सरकार तक पहुँच पाता है या नहीं।












