जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के बाद अब कठुआ जिले में बादल फटने से तबाही मच गई है। घाटी इलाके में अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से कई घर मलबे और बाढ़ के पानी में दब गए, वहीं जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे भी प्रभावित हुआ है। सामने आए भयावह वीडियो में साफ दिख रहा है कि सड़कों पर पानी ही पानी है और पूरा थाना परिसर भी पानी से लबालब भर चुका है। प्रशासन और राहत दल मौके पर डटे हुए हैं और हालात को काबू में लाने की कोशिशें जारी हैं।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस घटना को लेकर कठुआ एसएसपी से बातचीत की और बताया कि बादल फटने की वजह से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा रेलवे ट्रैक और नेशनल हाईवे को भी भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सेना, अर्धसैनिक बल और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है।
एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट उत्तम सिंह ने जानकारी दी कि राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। तीन दल प्रभावित इलाके में तैनात किए गए हैं और लगातार खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय लोग भी प्रशासन की मदद कर रहे हैं ताकि किसी भी फंसे हुए व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। कठुआ में यह त्रासदी एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि बदलते मौसम और लगातार हो रही प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए ठोस रणनीति कब तक बनेगी।












