31 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ द ओवल टेस्ट में उतरते ही शुभमन गिल के पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका होगा। वो भी न एक, न दो…बल्कि पाँच रिकॉर्ड्स के साथ! पहला बड़ा मौका है — एक सीरीज़ में बतौर भारतीय कप्तान सबसे ज़्यादा रन बनाने का। 1978 में सुनील गावस्कर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 732 रन बनाए थे, और 47 साल से ये रिकॉर्ड अटूट बना हुआ है। अब गिल इस रिकॉर्ड से महज 11 रन दूर हैं, और ये तो उनके बल्ले के लिए वॉर्मअप जैसा है। 4 मैचों में 722 रन बनाकर शुभमन ने पहले ही बता दिया है कि वह रिकॉर्ड बुक के अगले बादशाह हैं।
गिल का ये कारनामा सिर्फ घरेलू नहीं, अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड्स को भी चुनौती दे रहा है। अवे टेस्ट सीरीज़ (यानी विदेश में खेली गई सीरीज़) में बतौर कप्तान सबसे ज़्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज़ के महान ऑलराउंडर गैरी सोबर्स के नाम है, जिन्होंने 1966 में 722 रन बनाए थे। लेकिन अब शुभमन गिल इस रिकॉर्ड की बराबरी कर चुके हैं — और जैसे ही वो इंग्लैंड के खिलाफ अगली पारी में एक रन बनाएंगे, वो इस लिस्ट में नंबर 1 बन जाएंगे।
टेस्ट सीरीज़ में किसी भी भारतीय द्वारा सबसे ज़्यादा रन बनाने के रिकॉर्ड में भी गिल का नाम जल्द ही दर्ज हो सकता है। फिलहाल, 774 रनों के साथ गावस्कर नंबर 1 हैं — 1971 की उस ऐतिहासिक वेस्टइंडीज़ सीरीज़ में उन्होंने ये आंकड़ा छुआ था। गिल को बस 53 रन और बनाने हैं, और फिर एक और लौहस्तंभ गिर जाएगा। ये वही रिकॉर्ड है, जो विराट कोहली, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर जैसे बल्लेबाज़ों से भी नहीं टूटा।
गिल अब तक इस सीरीज़ में 4 शतक ठोक चुके हैं, और इसी के साथ उन्होंने सुनील गावस्कर और डॉन ब्रैडमैन की बराबरी कर ली है। यदि वे एक और शतक लगाते हैं तो क्लाइड वॉलकॉट (5 शतक) की बराबरी कर लेंगे और दोनों पारियों में शतक लगाकर वो सर्वकालिक नंबर 1 कप्तान बन सकते हैं। सोचिए — डॉन ब्रैडमैन, क्रिकेट का पर्याय — और शुभमन गिल, भारत का युवा चक्रवात… अब एक ही मंच पर!












