गिरिडीह जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स और विद्युत विभाग के बीच हुई अहम बैठक में स्मार्ट मीटर से जुड़ी तमाम शंकाओं पर खुलकर बातचीत हुई। मीटर घर के अंदर भी लग सकता है और एजेंसी दस साल तक देखरेख करेगी। दो चैंबर सदस्यों के यहां टेस्टिंग कर रीडिंग की सटीकता भी परखी जाएगी।

मीटर ऑटोमैटिक बिल जनरेट करेगा और भविष्य में प्रीपेड में बदल सकता है। बिजली बिल की देरी पर चैंबर ने चिंता जताई, जिससे सरकार की 200 यूनिट फ्री बिजली योजना भी प्रभावित हो रही है। साथ ही ट्रांसफार्मरों पर AB स्विच और लो वोल्टेज की समस्या पर भी समाधान की बात हुई। गिरिडीह की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए यह संवाद बड़ी पहल मानी जा रही है।













