धनबाद के तिलाटांड में झारखंड सरकार ने ऐतिहासिक शिबू-साहेब नेचुरल पार्क बनाने का बड़ा निर्णय लिया है। यह पार्क 21 एकड़ जमीन पर विकसित होगा, जिसका नाम झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पिता, दिशोम गुरु शिबू सोरेन और उनके सहयोगी, तिलाटांड गांव के स्वर्गीय साहेब राम मांझी के नाम पर रखा जाएगा। यह पार्क न सिर्फ झारखंड की सांस्कृतिक विरासत और संघर्ष की गाथा को समर्पित होगा, बल्कि फूलों की महक, औषधीय पौधों की शुद्धता और आधुनिक पर्यावरणीय सुविधाओं से भी लैस होगा। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कवायद शुरू कर दी है, जो स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर और क्षेत्र के विकास का द्वार खोलेगी।
इस नेचुरल पार्क का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसका इतिहास और जमीन झारखंड के सामाजिक-सांस्कृतिक आंदोलन से जुड़ा है। झामुमो नेता रतिलाल टुडू ने बताया कि आंदोलन के दिनों में दिशोम गुरु शिबू सोरेन साहेब राम मांझी के घर रहते थे और मिलकर सामाजिक कार्यों की रणनीति बनाते थे। साहेब राम मांझी, जो सोनोत संताल समाज के प्रभावशाली नेता थे, की जमीन भी इस पार्क के निर्माण में शामिल की गई है, जिस पर उनके पुत्रों ने एनओसी प्रदान कर दी है। इस तरह यह पार्क झारखंड के आदिवासी संघर्ष की एक जीवंत स्मृति के रूप में भी उभरेगा।
वन विभाग ने तिलाटांड मौजा में 4.60 एकड़ वन भूमि चिह्नित कर दी है, जिससे पार्क की नींव मजबूत हुई है। इस प्राकृतिक स्थल में सुगंधित फूलों के साथ-साथ औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा, और लेजर फाउंटेन, फव्वारे जैसी आकर्षक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। यह न केवल झारखंड के लिए एक नया पर्यटन स्थल बनेगा, बल्कि सरकार इसके निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। बाघमारा के सीओ बाल किशोर महतो ने भी पुष्टि की कि भूमि आवंटित कर दी गई है और जल्द ही पार्क का निर्माण शुरू होगा, जिससे क्षेत्र में विकास और रोजगार के रास्ते खुलेंगे।












