हजारीबाग में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ जब पटना से हजारीबाग जा रही राजश्री नामक बस बेकाबू होकर खाई में जा गिरी। यह दुर्घटना रांची-पटना मेन रोड के पदमा ओपी थाना क्षेत्र में हुई। हादसे में बस में सवार 9 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि बस में यात्री कम थे, वरना हादसा और बड़ा हो सकता था। बस को हजारीबाग तक ही जाना था, लेकिन बीच रास्ते में यह हादसा हो गया जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों के मुताबिक हादसे के वक्त बस चालक की जगह खलासी बस चला रहा था। बताया जा रहा है कि वह प्रशिक्षित नहीं था और इसी कारण वह बस पर नियंत्रण नहीं रख सका। जैसे ही बस खाई में गिरी, मौके पर चीख-पुकार मच गई। लोगों ने बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि हादसे के तुरंत बाद ड्राइवर और स्टाफ मौके से फरार हो गए, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया।
घटना की सूचना मिलते ही पदमा ओपी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को फौरन शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम इलाज में जुटी हुई है। वहीं, पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टाफ की लापरवाही के कारण यह गंभीर हादसा हुआ, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
घायलों के परिजनों ने बस संचालक से मुआवजे की मांग की है और प्रशासन से यह आग्रह किया है कि इस तरह की लापरवाही पर रोक लगे। एक घायल यात्री नीरज, जिनके माता-पिता भी इस दुर्घटना में घायल हुए हैं, ने बताया कि हादसे की सूचना बस मालिक को दी गई लेकिन वह अब तक मौके पर नहीं पहुंचा है। लोगों का कहना है कि अगर ट्रेंड ड्राइवर बस चला रहा होता, तो यह हादसा रोका जा सकता था। यह घटना न सिर्फ प्रशासन बल्कि पूरे परिवहन तंत्र के लिए चेतावनी है कि सुरक्षा के नाम पर कोई समझौता न किया जाए।












