शहीद दिवस के अवसर पर माले और असंगठित मजदूर मोर्चा ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संकल्प सभा का आयोजन किया। सभा को संबोधित करते हुए माले नेता राजेश सिन्हा और असंगठित मजदूर मोर्चा के सचिव कन्हाई पांडेय ने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत ने 94 साल पहले भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी थी, लेकिन उनके क्रांतिकारी विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि अगर आज के दौर में भी शोषण, अन्याय और फासीवाद हावी हो रहे हैं, तो भगत सिंह के विचारों को आत्मसात कर लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी की रक्षा करना जरूरी है।

सभा में माले जिला कमिटी सदस्य शंकर पांडेय, समाजवादी चिंतक धरणीधर प्रसाद, दामोदर गोप समेत कई नेताओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियां किसानों, मजदूरों और युवाओं को तबाह कर रही हैं। ऐसे में युवाओं और दबे-कुचले वर्ग को भगत सिंह के विचारों से प्रेरणा लेकर एकजुट होने की जरूरत है। सभा में उपस्थित सभी लोगों ने शोषण और अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।













