बिरनी प्रखंड के चितरना गांव में आदर्श युवा क्लब के युवाओं ने एक अनोखे तरीके से सरस्वती पूजा का आयोजन किया, जहां डीजे की बजाय ढोल, नगाड़े और शहनाई की धुन पर लोग नेटुआ नाचते हुए मां सरस्वती के जुलूस में शामिल हुए। इस आयोजन में सैकड़ों महिला-पुरुष और बच्चे भी शामिल थे, जिन्होंने झारखंड की पौराणिक परंपरा का सम्मान करते हुए मां की प्रतिमा का विसर्जन किया।

ग्रामीणों ने बताया कि डीजे से होने वाली आवाज़ों से स्वास्थ्य और सुरक्षा के खतरे हो सकते हैं, और प्रशासन द्वारा डीजे पर पाबंदी लगाए जाने के बावजूद कई जगहों पर इसका गलत प्रयोग हो रहा है। चितरना गांव के युवाओं ने इस बार डीजे से बचते हुए शांति और परंपरा के प्रतीक के रूप में यह आयोजन किया।













