
गुरु नानकु जिन सुणिया पेखिआ,से फिरि गरभासि न परिया रे कीर्तन सुन निहाल हुए संगत बोले सो निहाल सत श्री अकाल से गुंजा गुरुद्वारा
गिरिडीह: सतगुरू नानक प्रगटिया मिट्टी धुंध जग चानन होया, नानक नाम चढ़दी कला तेरे भाणे सर्वत दा भला, नानक नाम जहाज है चढ़े सो उतरे पार, जैसे कई गुरूनानक देवजी के बोल वचन से गिरिडीह शहर भक्तिमय हो गया। मौका था गुरूनानक देव जी की 555 वें जन्मोत्सव का। शुक्रवार को भव्य रूप से गिरिडीह








