गिरिडीह नगर निगम द्वारा सड़क चौड़ीकरण और फोर लेन सड़क निर्माण के तहत 45 दुकानों को हटाने के फैसले के विरोध में प्रभावित दुकानदारों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार जारी है। दुकानदारों का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच और वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानों को तोड़ना उनके रोज़गार पर सीधा प्रहार है। इसी बीच अचानक अनुमंडल पदाधिकारी श्रीकांत यशवंत विशपुते, नगर उप आयुक्त प्रशांत लायक और नगर निगम कर्मियों की टीम धरनास्थल पर पहुंची, जहां एक बार फिर दुकानों की मापी कराई गई।

दुकानदारों ने दावा किया कि उनकी दुकानें उसी दायरे में हैं, जहां नगर निगम द्वारा आवंटन किया गया था, ऐसे में अतिक्रमण का आरोप गलत है। वहीं SDO ने कहा कि मापी की रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल सभी की नजर प्रशासनिक जांच रिपोर्ट पर टिकी है।













