हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में शनिवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया, जिसने कोयला खदानों में काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उरीमारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के कमांड क्षेत्र में स्थित कोयला खदान की दीवार अचानक ढह गई, जिसकी चपेट में आकर ट्रक पर सवार दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा रात करीब 11 बजे उस समय हुआ, जब खदान में कोयला लोड कर वाहन बाहर निकलने की तैयारी में था। अचानक हुए इस हादसे से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और खदान परिसर में काम कर रहे अन्य मजदूरों में दहशत फैल गई।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन अंधेरा, घना कोहरा और मजदूरों के आक्रोश के कारण तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका। बड़कागांव अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) पवन कुमार ने बताया कि रविवार सुबह अभियान चलाकर मलबे में दबे दोनों शवों को बाहर निकाला गया। मृतकों की पहचान 30 वर्षीय सुनील यादव और 50 वर्षीय राजू पासवान के रूप में हुई है। सुनील यादव अनुबंध पर वाहन चालक के रूप में कार्यरत थे, जबकि राजू पासवान उनके सहायक थे। हादसे में एक अन्य मजदूर भी घायल हुआ है, जिसे सुरक्षित बाहर निकालकर स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
घटना के बाद खदान में काम कर रहे मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार रात से ही खनन कार्य पूरी तरह बंद कर दिया गया और मजदूरों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मजदूरों का आरोप है कि खदान में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे और पहले भी कई बार प्रबंधन को दीवार की स्थिति को लेकर चेताया गया था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो यह हादसा टाला जा सकता था। मजदूरों ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा, स्थायी नौकरी और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
इस हादसे से न सिर्फ दो परिवार उजड़ गए, बल्कि एक बार फिर कोयला खदानों में मजदूरों की जान को लेकर हो रही लापरवाही उजागर हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि दीवार ढहने से खनन में उपयोग होने वाले दो भारी उपकरण भी मलबे में दब गए हैं। फिलहाल खदान क्षेत्र को सील कर दिया गया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है और लोग खनन क्षेत्रों में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।












