गिरिडीह शहरी क्षेत्र में शुक्रवार को करवा चौथ का पर्व पूरे उत्साह, श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। सुबह से ही महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में साज-सज्जा कर मंदिरों और घरों में पूजा-अर्चना की। शहर के प्रमुख बाजारों—टावर चौक, बड़की रोड और बस स्टैंड क्षेत्र में करवा, साड़ी, चूड़ी, बिंदी और पूजा सामग्री की खरीददारी को लेकर दिनभर भारी भीड़ रही। सुहागिन महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु, सुख और समृद्धि की कामना की। मंदिरों में मां गौरी और करवा माता की आराधना के साथ-साथ घरों में भी सुंदर रंगोली और दीप सजाए गए, जिससे पूरा शहर भक्ति और परंपरा के रंगों से सराबोर हो उठा।

शाम ढलते ही शहर के आकाश में जैसे ही चांद ने अपना दीदार कराया, महिलाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। पारंपरिक गीतों की मधुर गूंज के बीच सुहागिनों ने छलनी से चंद्र दर्शन किया और फिर अपने पति का चेहरा देखकर व्रत तोड़ा। कई स्थानों पर सामूहिक पूजा का आयोजन भी हुआ, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने हिस्सा लिया और एक-दूसरे को करवा चौथ की बधाइयाँ दीं। गिरिडीह का हर मोहल्ला रोशनी और साज-सज्जा से जगमगा उठा। पूरे शहर में पारिवारिक प्रेम और परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला, जिसने इस पर्व को यादगार बना दिया।












