गिरिडीह, 29 अगस्त 2025: राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आज समाहरणालय सभागार में जिला प्रशासन की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी समेत कई अधिकारियों ने मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने भारतीय हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद के अतुलनीय योगदान को याद किया और कहा कि उनके संघर्ष और उपलब्धियां भारतीय खेल जगत के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगी।

जिला उपायुक्त रामनिवास यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद का जीवन हमें अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति की सीख देता है। उन्होंने राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। उपायुक्त ने कहा कि खेल न केवल शारीरिक और मानसिक मजबूती देते हैं, बल्कि यह आपसी सम्मान और भाईचारे की भावना भी सिखाते हैं। शिक्षा के साथ-साथ खेलों का महत्व लगातार बढ़ रहा है और अब बच्चे खेलों के माध्यम से भी एक बेहतरीन करियर बना सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में जिले में तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया जा रहा है। इसके तहत बैडमिंटन, योगा कार्यक्रम, साइक्लिंग जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेल जीवन में अनुशासन लाते हैं और तनाव को दूर करने का सबसे आसान साधन हैं। खेलों के जरिए मनुष्य का शारीरिक और मानसिक विकास संतुलित रूप से होता है, जो जीवन में सफलता के लिए आवश्यक है।

उपायुक्त ने अंत में सभी खिलाड़ियों से खेल भावना और अनुशासन को प्राथमिकता देते हुए बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग ले रहे सभी बच्चों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि खिलाड़ियों को अपने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के माध्यम से समाज और जिले का नाम रोशन करना चाहिए। राष्ट्रीय खेल दिवस का यह आयोजन न सिर्फ मेजर ध्यानचंद के योगदान को याद करने का अवसर है, बल्कि युवा पीढ़ी को खेलों के महत्व को समझाने का भी सशक्त माध्यम है।













