रांची के रिम्स कैंपस में कैंटीन से चाय पीने के बाद पीजी छात्रा की हालत अचानक बिगड़ गई और अब वह क्रिटिकल आईसीयू में वेंटिलेटर पर भर्ती है। डॉक्टरों के अनुसार छात्रा की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, हालांकि हल्का सुधार जरूर दिखा है। शनिवार को मेडिसिन विभागाध्यक्ष सहित विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने छात्रा की स्थिति का जायजा लिया और लगातार उनके इलाज में जुटी हुई है। यह घटना न सिर्फ रिम्स की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है बल्कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी बड़ी चिंता पैदा कर रही है।
इस पूरे मामले की जांच के लिए रिम्स प्रबंधन ने विशेष टीम का गठन किया है। टीम ने घटना के दिन मौजूद सहपाठियों से लिखित बयान लिया है और अब कैंटीन संचालक तथा कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी। जांच समिति यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा की तबीयत बिगड़ने की असली वजह क्या रही। कैंटीन प्रबंधन की लापरवाही और खाद्य सुरक्षा पर निगरानी न होने को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
गौरतलब है कि 21 अगस्त की रात करीब 11 बजे चाय पीने के बाद छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ी थी, जिसके बाद उसे तुरंत भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद रिम्स प्रबंधन ने बड़ा कदम उठाते हुए निर्णय लिया है कि अब कैंपस में कैंटीन का संचालन केवल चयनित एजेंसियां ही कर सकेंगी। इसके लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही कैंटीन संचालकों पर सख्त नियम लागू होंगे और समय-समय पर औचक निरीक्षण भी किया जाएगा।












