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मानसून का सुपरफूड: जानिए क्यों भुट्टा है स्वाद और सेहत दोनों का राजा

बारिश का मौसम आते ही सड़क किनारे भुट्टे के ठेले हमारी नजरों को लुभाने लगते हैं। ताजे खेतों से निकले भुट्टे, आग में सेंककर, ऊपर से नींबू-नमक लगाकर जैसे मानसून की पहचान बन गए हैं। लेकिन स्वाद के साथ-साथ भुट्टा सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। यह प्रोटीन, फाइबर, पोटेशियम और विटामिन्स का बेहतरीन स्रोत होता है, जो न सिर्फ शरीर को ऊर्जा देता है, बल्कि इम्यूनिटी भी मजबूत करता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह दिल से जुड़ी बीमारियों, डायबिटीज और पाचन संबंधी समस्याओं को भी कम करने में मदद करता है।

भुट्टे की खास बात यह है कि यह अनप्रोसेस्ड और ऑर्गेनिक फॉर्म में मिलने वाला एक पौष्टिक अनाज है। अमेरिका की USDA संस्था के अनुसार, एक मीडियम साइज का भुट्टा विटामिन C, E, A के साथ-साथ थियामिन और पोटेशियम से भरपूर होता है। यह शरीर में पानी की कमी को दूर करने में सहायक है और फाइबर की अच्छी मात्रा के कारण पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखता है। वहीं, ‘साइंस डायरेक्ट’ और ‘जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स’ में प्रकाशित स्टडीज भी इस बात की पुष्टि करती हैं कि नियमित रूप से अनप्रोसेस्ड भुट्टे का सेवन करने से मोटापा और हार्ट डिजीज का खतरा कम हो सकता है।

भुट्टा कई प्रकार में आता है, जैसे स्वीट कॉर्न, रेगुलर कॉर्न और पॉपकॉर्न। स्वीट कॉर्न का स्वाद मीठा होता है और इसे सब्जी के रूप में उबालकर या भाप में पकाकर खाया जाता है। वहीं रेगुलर कॉर्न का इस्तेमाल आमतौर पर चारे, तेल, सिरप या अन्य प्रॉसेस्ड फूड बनाने में होता है और यह सीधे खाने लायक नहीं होता। पॉपकॉर्न भी मक्के की एक खास किस्म है, जो गरम होने पर फूटता है और कुरकुरा स्नैक बन जाता है। भले ही प्रोसेस्ड कॉर्न से भी कुछ फायदे मिलते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ताजा और अनप्रोसेस्ड भुट्टा शरीर के लिए ज्यादा लाभकारी है।

हालांकि, हर किसी को भुट्टा नहीं खाना चाहिए। न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. अनु अग्रवाल कहती हैं कि जिन लोगों को पाचन से जुड़ी गंभीर समस्याएं हैं, या जिन्हें पेट फूलने, गैस या कब्ज की शिकायत रहती है, उन्हें सीमित मात्रा में ही भुट्टा खाना चाहिए। इसके अलावा जिनको मक्के से एलर्जी है, उन्हें इससे परहेज करना चाहिए। बारिश के इस मौसम में जब सड़कों पर गर्मागरम भुट्टे की खुशबू बिखरी होती है, तो यह जानना जरूरी है कि यह न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि आपकी सेहत का भी सच्चा साथी हो सकता है – बशर्ते आप इसे समझदारी से और संतुलित मात्रा में खाएं।

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