झारखंड के सिविल सेवा के लाखों सपनों को लेकर इंतजार अब खत्म हो चुका है। आखिरकार झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने 2023 की सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इस परीक्षा में कुल 342 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं, जिनके लिए यह सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि लंबे संघर्ष की जीत है। लेकिन इस सफलता के पीछे छिपी है कई महीनों की देरी, आंदोलन और सवाल, जो इस पूरे चयन प्रक्रिया पर उठे। आइए जानें, कैसे बने ये टॉपर्स, किस तरह से दबाव और संघर्ष के बाद आई यह राहत और अब युवाओं के सामने क्या है।
झारखंड लोक सेवा आयोग ने आधिकारिक वेबसाइट jpsc.gov.in पर 2023 की सिविल सेवा परीक्षा का अंतिम परिणाम प्रकाशित किया है। इस बार कुल 342 उम्मीदवारों को विभिन्न प्रशासनिक पदों पर चयनित किया गया है। सबसे पहले स्थान पर झारखंड के होनहार अभ्यर्थी आशीष अक्षत ने कब्जा जमाया है। उनके बाद दूसरे स्थान पर अभय कुमार और तीसरे स्थान पर रवि रंजन कुमार ने अपना स्थान बनाया। यह रिजल्ट न केवल लाखों उम्मीदवारों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि उनकी मेहनत, उम्मीद और संघर्ष की जीत भी है।
हालांकि सफलता की इस घड़ी से पहले अभ्यर्थियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। परीक्षा के विभिन्न चरणों — प्रीलिम्स, मुख्य परीक्षा, इंटरव्यू और रिजल्ट — में लगातार देरी ने युवाओं के सपनों को बाधित किया। झारखंड के रांची, हजारीबाग, धनबाद, गढ़वा जैसे जिलों में अभ्यर्थियों ने पारदर्शिता, मूल्यांकन प्रक्रिया की सटीकता और समयबद्ध परिणाम की मांग को लेकर संगठित विरोध शुरू कर दिया। कई जगहों पर आंदोलनों, घेरावों और धरनों के जरिए आयोग पर दबाव बनाया गया। इतना ही नहीं, आयोग के मुख्यालय के बाहर छात्र टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। इन आंदोलनों ने अंततः आयोग को दबाव में ला दिया और प्रक्रिया को तेज करने के लिए मजबूर किया।
JPSC ने अपने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता का हवाला देते हुए बताया कि सभी अभ्यर्थियों का मूल्यांकन योग्यता और आरक्षण नियमों के आधार पर किया गया है। मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू दोनों में प्राप्त अंकों के सम्मिलित योग के आधार पर अंतिम सूची तैयार की गई है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, अभ्यर्थियों के निरंतर विरोध और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद ही अंतिम परिणाम सामने आ सका।
इस वर्ष के टॉपर्स की सूची में झारखंड के युवा शक्ति की झलक साफ दिखती है। आशीष अक्षत के बाद अभय कुमार, रवि रंजन कुमार, गौतम गौरव, श्वेता, राहुल कुमार विश्वकर्मा, रोबिन कुमार, संदीप प्रकाश, स्वाति केशरी और राजीव रंजन जैसे नाम भी टॉप 10 में शामिल हैं। इन सफल युवाओं ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। यह युवा शक्ति झारखंड के प्रशासनिक और सामाजिक विकास की नई उम्मीद जगाती है।












