गिरिडीह जिले के देवरी प्रखंड अंतर्गत कोसोगोंदो दिघी पंचायत में झारखंड सरकार की बहुप्रचारित सोलर जलमीनार योजना कागज़ों में ही सिमट कर रह गई है। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग दो वर्ष पहले जल जीवन मिशन के तहत करीब 80 सोलर जलमीनार बनाए गए थे, लेकिन संवेदकों की लापरवाही और विभागीय उदासीनता के कारण ये जलमीनार अब तक चालू नहीं हो पाए हैं।कई जलमीनारों में पाइप कनेक्शन नहीं हुआ, तो कई में मोटर खराब होने के बाद उन्हें दुरुस्त नहीं किया गया। हालात ये हैं कि गांव के लोग अब भी गंदा कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने विभाग और सरकार से जल्द से जल्द जलमीनारों को ठीक कराने की मांग की है, लेकिन सोमवार तक भी कोई सुनवाई नहीं हो पाई है। मुखिया की चुप्पी और प्रशासन की निष्क्रियता ने लोगों की उम्मीदों को तोड़ दिया है।












