गिरिडीह जिला उपायुक्त रामनिवास यादव की संवेदनशील सोच से एक बार फिर प्रशासन का मानवीय चेहरा सामने आया है। गुरुवार को समाहरणालय निरीक्षण के दौरान उनकी नजर बाल कल्याण समिति के पास खड़ी एक महिला और उसके दो छोटे बच्चों पर पड़ी। पूछताछ में महिला ने अपना नाम रेणु देवी बताया और कहा कि पति के निधन के बाद मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। उनके दो पुत्र, 7 वर्षीय राम कुमार साहू और 5 वर्षीय रितिक कुमार साहू हैं, जिनके पालन-पोषण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने बाल संरक्षण पदाधिकारी को त्वरित निर्देश देते हुए दोनों बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं से आच्छादित करने को कहा। साथ ही समाज कल्याण विभाग की ओर से बच्चों को मौके पर ही स्वेटर उपलब्ध कराया गया। उपायुक्त ने कहा कि बच्चों का कल्याण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस पहल से बच्चों के चेहरों पर खुशी लौटी, वहीं मां ने प्रशासन के प्रति आभार जताया।












