गिरिडीह कॉलेज के छात्रावास मैदान में आज 4 जनवरी 2026 को संताल समाज का प्रमुख पर्व सोहराय पूरे पारंपरिक विधि-विधान, उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नायके बाबा द्वारा जिला मांझी थान के बगल में गोट सीम बोंगा (पूजा) से हुई और इसके बाद मांझी थान में जल अर्पित किया गया। पूजा-अर्चना के दौरान छात्राओं ने मांझी बाबा एवं नायके बाबा के पैर धोकर सम्मान प्रकट किया, जो संताल समाज की सामाजिक एकता और परंपराओं का प्रतीक था।

कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए युवक-युवतियों ने पारंपरिक नृत्य और गीत प्रस्तुत किए। मांदर और तमाक के मधुर ताल पर कलाकारों की प्रस्तुति ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। अंत में उपस्थित लोगों ने सीम सोड़े (मुर्गा बिरयानी) का प्रसाद ग्रहण किया। समाजसेवी और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने इस भव्य आयोजन की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम ने संताल संस्कृति, सामाजिक एकता और परंपराओं के संरक्षण का संदेश सशक्त रूप से दिया।












