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झारखंड आज का मौसम: ‘ला नीना’ और बर्फीली हवाओं का असर, 12 जिलों में कोहरे का अलर्ट, 2.4 डिग्री तक लुढ़का पारा

झारखंड में कड़ाके की ठंड ने इस साल के अंत को और भी सिहरनभरा बना दिया है। उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं और ‘ला नीना’ के प्रभाव के चलते राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। खास तौर पर लोहरदगा में पारा गिरकर 2.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान माना जा रहा है। ठंड की इस तीव्रता ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है—सुबह और रात के समय सड़कों पर सन्नाटा, अलावों की संख्या में बढ़ोतरी और स्कूल-कॉलेज जाने वालों की परेशानी साफ देखी जा रही है। राजधानी रांची समेत खूंटी, गुमला जैसे जिलों में शीतलहर का असर इतना तेज है कि दिन में भी कनकनी महसूस की जा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में जारी इस ठंड के पीछे दो प्रमुख कारण हैं—‘ला नीना’ का सक्रिय प्रभाव और उत्तर भारत से आने वाली शुष्क, ठंडी हवाएं। इन दोनों के संयुक्त असर से रातें तो ठंडी हो ही रही हैं, दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। पलामू में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राज्य के कम से कम पांच अन्य जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। अधिकतम तापमान की बात करें तो हजारीबाग, कोडरमा और पाकुड़ जैसे इलाकों में दिन का तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमट गया है, जिससे दोपहर की धूप भी ठंड से राहत देने में नाकाम साबित हो रही है।

साल के आखिरी दिन यानी 31 दिसंबर को लेकर मौसम केंद्र ने विशेष चेतावनी जारी की है। राज्य के 12 जिलों में घने कोहरे को देखते हुए ‘येलो अलर्ट’ घोषित किया गया है। इन जिलों में गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह और संथाल परगना क्षेत्र के कई जिले शामिल हैं। सुबह और देर रात के समय दृश्यता काफी कम रहने की संभावना है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने वाहन चालकों को सतर्क रहने, फॉग लाइट का उपयोग करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

ठंड और कोहरे के इस दोहरे प्रहार का असर स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई देने लगा है। रांची स्थित रिम्स सहित विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी-खांसी, बुखार और श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। डॉक्टरों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में मरीजों की संख्या तीन से चार गुना तक बढ़ गई है—जहां पहले रोजाना औसतन 10 मरीज आते थे, वहीं अब यह आंकड़ा 40 तक पहुंच रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 7 से 10 दिनों तक ठंड से राहत के आसार कम हैं। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।

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