गिरिडीह महिला राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में एक बार फिर गिरिडीह की महिला खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से पूरे झारखंड का मान बढ़ाया है। बोकारो स्थित गुरुगोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल में 27 से 29 दिसंबर तक आयोजित प्रथम महिला राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में गिरिडीह से भाग लेने वाली आठ खिलाड़ियों में से सात ने पदक जीतकर जिले और राज्य को गौरवान्वित किया। इन खिलाड़ियों ने कुल 3 स्वर्ण, 3 रजत और 1 कांस्य पदक अपने नाम किए। प्रतियोगिता में देश के 19 राज्यों से लगभग 900 महिला ताइक्वांडो खिलाड़ी शामिल हुई थीं, जिससे यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
गिरिडीह जिला ताइक्वांडो संघ के महासचिव अमित स्वर्णकार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रतियोगिता वर्ष 2025 की अंतिम राष्ट्रीय प्रतियोगिता थी और इसमें झारखंड टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए गिरिडीह की आठ महिला खिलाड़ी कोच आकाश कुमार स्वर्णकार के मार्गदर्शन में मैदान में उतरी थीं। हमेशा की तरह इस बार भी गिरिडीह की खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट तकनीक, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबलों के बीच इन खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया कि गिरिडीह ताइक्वांडो के क्षेत्र में लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
पदक जीतने वाली खिलाड़ियों में “द बैलेंस पाथ एकेडमी” की ज्योति राज ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि साक्षी कुमारी, अंजुम आरा और शिवानी कुमारी ने रजत पदक अपने नाम किए। वहीं “के टाइगर ताइक्वांडो एकेडमी” की सोनाक्षी कुमारी और आयशा बिंत अफजल ने स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया, जबकि तनीषा आर्य ने कांस्य पदक हासिल किया। इन खिलाड़ियों की सफलता ने यह साबित कर दिया कि गिरिडीह की बेटियां राष्ट्रीय मंच पर भी किसी से कम नहीं हैं और निरंतर अभ्यास व समर्पण से वे देश के लिए पदक जीतने की क्षमता रखती हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाली इन खिलाड़ियों की सफलता पर गिरिडीह जिला ताइक्वांडो संघ के अध्यक्ष सुमीर शर्मा, उपाध्यक्ष सह टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो, संरक्षक एवं पूर्व विधायक निर्भय कुमार शाहबादी, महासचिव अमित स्वर्णकार सहित संघ के सभी पदाधिकारियों और खिलाड़ियों ने बधाई दी। राहुल कुमार, पंकज कुमार, शशिकांत विश्वकर्मा, मनोहर बर्मा, तपन भट्टाचार्य, पार्थो मन्ना, मोहम्मद अली, राजकुमार साव, रोहित राय समेत कई खिलाड़ियों और प्रशिक्षुओं ने विजेता खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल गिरिडीह बल्कि पूरा झारखंड खेल जगत में गर्व महसूस कर रहा है और आने वाले समय में इन खिलाड़ियों से और बड़ी सफलताओं की उम्मीद की जा रही है।












