रांची। झारखंड इन दिनों कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं की चपेट में है। राज्य के लगभग सभी जिलों में तापमान तेजी से गिरा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राजधानी रांची समेत पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, रामगढ़ और बोकारो में ठंड का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। सुबह और देर रात सर्द हवाओं के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। हालात को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है। ठंड के साथ-साथ घने कोहरे ने भी परेशानी बढ़ा दी है, जिससे सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
सुबह के समय झारखंड के कई इलाकों में विजिबिलिटी घटकर 50 मीटर से भी कम हो गई है। हालात ऐसे हैं कि सुपरफास्ट ट्रेनें भी रेंगते हुए नजर आ रही हैं, वहीं राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर वाहन चालकों को बेहद सावधानी बरतनी पड़ रही है। खासकर रांची और आसपास के क्षेत्रों में सुबह-शाम घना कोहरा छाए रहने से स्कूल जाने वाले बच्चों, ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और दैनिक मजदूरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर लोग अलाव का सहारा लेते दिख रहे हैं, जबकि बुजुर्गों और बच्चों की तबीयत पर ठंड का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
रांची मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, झारखंड के निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में हल्की दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी हवाएं चल रही हैं, जिसके कारण उत्तर और मध्य झारखंड के जिलों में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड बनी हुई है। मौसम विभाग के निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति सामान्य से ज्यादा गंभीर हो सकती है और लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। खुले स्थानों पर देर तक रहने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और सुबह-शाम यात्रा के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने खासतौर पर वाहन चालकों, बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सावधान रहने की अपील की है। घने कोहरे के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए कम विजिबिलिटी में वाहन चलाने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से भी जिलों में अलाव की व्यवस्था और जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और ठंडी हवाओं के प्रभाव के चलते झारखंड में ठंड का यह दौर अभी जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की जरूरत है। फिलहाल, झारखंड पूरी तरह शीतलहर और घने कोहरे की गिरफ्त में है, और अगले कुछ दिन भी लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं।












